Monday, November 14, 2016

नोटों की किल्लत .....

Akhilesh के इस फैसले से सहमत  PM Modi
 14 Nov. 2016

CM Akhilesh Yadav ने लोगों की मुश्किलों को समझते हुए ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग वैन भेजने की बात कही है। इसके बाद सरकार ने भी यही फैसला लिया है।

सीएम अखिलेश यादव ने बनारस सहित सभी जिलों के डीएम को बैंकों के साथ तालमेल बैठाकर ग्रामीण इलाकों में करेंसी एक्सचेंज कैम्प लगवाने और शहरी इलाकों में करेंसी वैन चलवाने का निर्देश जारी किया था। राजनैतिक पण्डितों का कहना है कि केन्द्र सरकार की देरी से इस नई व्यवस्था का पूरा क्रेडिट सीएम अखिलेश यादव ले गए, पर कुल मिलाकर राज्य व केन्द्र सरकार की इस व्यवस्था से भला ग्रामीणों का ही होने वाला है।

पीएम नरेन्द्र मोदी ने जब मंगलवार की रात 1000 व 500 रुपये के नोट पर बैन लगाया था, तो इसके कुछ ही देर बाद सीएम अखिलेश ने उन्हें एक सलाह दी थी। सलाह यह थी कि जनता की परेशानी को देखते हुए जिला स्तर पर करेंसी एक्सचेंज के कैम्प लगाए जाएं। पर पीएम मोदी और केन्द्र सरकार ने सीएम अखिलेश की सलाह को नजरअंदाज कर दिया। इस पर जब दो दिनों तक जनता को जबरदस्त दिक्कतों का सामना करना पड़ा और बैंकों में लम्बी लाइनें लगने लगीं तो सीएम अखिलेश ने केन्द्र सरकार के कदम का इन्तेजार न करते हुए वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए सभी जिलाधिकारियों को बैंकों से तालमेल करते हुए नगरीय इलाकों में करेंसी वैन और ग्रामीण इलाकों में करेंसी एक्सचेंज कैम्प लगाने का निर्देश दे दिया था।

अब वित्त मन्त्रालय ने भी लोगों को सहूलियत देते हुए बैंकों को ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग वैन भेजने का आदेश दिया है। इन दो व्यवस्थाओं से ग्रामीण इलाकों में लोगों को काफी सहूलियत मिल सकती है। इसके अलावा वित्त मंत्रालय ने एटीएम से निकाली जाने वाली राशि की सीमा 2000 से बढ़ाकर 2500 रुपये और करेंसी एक्सचेंज की सीमा 4000 से बढ़ाकर 4500 रुपये कर दिये हैं। इसके अलावा खात से निकाली जाने वाली धनराशि की सीमा 10 हजार रुपये को समाप्त कर दिया है।

सीएम अखिलेश यादव की ओर से वाराणसी समेत सभी जिलों के डीएम व मण्डलायुक्त को आदेश जारी किये जा चुके हैं। आदेश में कहा गया है कि कैश वैन चलाने और कैम्प के लिये अपने जिलों के बैंकों से बात कर उनेक साथ सामंजस्य बनाते हुए इसे सुनिश्चित कराएं। आदेश के तहत डीएम ग्रामीण इलाकों में करेंसी नोटों की उपलब्धता के लिये बैंक अधिकारियों से तालमेल कर जरूरी सहूमलियतें सुनिश्चित कराएंगे। इसके अलावा नोट बदलने के लिए बैंकों की ओर से मोबाइल कैश वैन के संचालन की व्यवस्था और मोबाइल एटीएम की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये हैं। यही नहीं ग्रामीण इलाक जो जहां बैंक नहीं हैं ऐसे क्षेत्रों में पहले से तय स्थानों पर बैंकों की ओर से विशेष शिविर की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के आदेश दिये थे।

पीएम और सीएम के इस आदेश के बाद ग्रामीणों को कुछ संशय और खतरों के साथ इन व्यवस्थाओं से परेशानी दूर होने की उम्मीद है। कैथी निवासी वल्लभाचार्य पाण्डेय ने मानते हैं कि जो व्यवस्था की गई है वह परेशानी को कुछ हद तक दूर तो कर सकती है, पर इसके साथ सिक्योरिटी की प्रॉब्लम आएगी।
उन्होंने बताया कि इलाके के 20 से 25 गांव के क्लस्टर में केवल कैथी और धौरहरा में ही बैंक की शाखाएं हैं। कैथी में रविवार की सुबह सात बजे 200 से भी ज्याद लोगों की लम्बी लाइन थी और शाम होते-होते वहां मारपीट हो गई। पुलिस पहुंची तो बैंक ही बंद करा दिया।
करेंसी की किल्लत से किसान आलू, और गेहूं की बुआई को लेकर चिंतित हैं।

पीएम नरेन्द्र मोदी के आदर्श गांव नागेपुर के ग्रामीण नन्दलाल मास्टर जी ने बताया कि इस नई व्यवस्था में यदि केवल एटीएम वैन भेजी जाएगी तो महज वो लोग ही लाभान्वित होंगे, जो एटीएम यूज करते हैं। ग्रामीण इलाकों में इनकी संख्या काफी कम होती है। लोग परम्परागत बैंकिंग के आदि हैं।
उनके लिये गांवों में कैम्प लगाकर मैन्युअल बैंकिंग की व्यवस्था और एक्सचेंज को आसान बनाने से गांव के लोगों को सहूलियत होगी। अभी तो हाल यह है कि इलाके के 20 से 50 गांवों के लोग राजातालाब में स्थित चार से पांच बैंक शाखाओं पर निर्भर हैं। वह तीन से चार किलोमीटर चलकर वहां रुपये बदलने व निकालने पहुंच रहे हैं।

वहां लोगों ने बताया कि इलाके में मिर्जामुराद में तीन बैंक शाखाएं हैं, जिनसे 25 से 30 गांव के लोगों की बैंकिंग जरूरतें पूरी होती हैं।
दक्षिणी छोर पर गंगा के कछार वाले मिर्जापुर के सब्जी उत्पादक इलाकों के किसान छह से सात किलोमीटर चलकर मिर्जामुराद में बैंकिंग करने पहुंचते हैं।
यहां परेशानी ज्यादा है। हालांकि उन्होंने एक अलग किस्म की ही परेशानी बताई। कैम्पों पर इलाके में विश्वास कम करते हैं। उन्हें कैम्पों से ठगी का डर होता है।
बिजली बिल जमा करने का कैम्प लगाया गया तो लोग वहां ठगी के डर से नहीं गए और दूर चलकर उपकेंद्र पर जाकर बिल जमा किया।

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