Sunday, November 20, 2016

पटना-इंदौर एक्‍सप्रेस पटरी से उतरी

कानपुर : पुखरायां में पटना-इंदौर एक्‍सप्रेस पटरी से उतरी, 55 लोगों की मौत,155 से अधिक घायल

कानपुर: कानपुर के पास पुखरायां में पटना-इंदौर एक्‍सप्रेस पटरी से उतर गई।

बताया जा रहा है कि ट्रेन के करीब 14 कोच पटरी से उतर गए, जिनमें 4 डिब्‍बे बुरी तरह क्षतिग्रस्‍त हुए हैं।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, घटना में करीब 20 लोगों की मौत हुई है और मृतकों की संख्‍या बढ़ सकती है।

प्रारंभिक जानकारी में बताया जा रहा है कि इस हादसे में करीब 100 से ज्‍यादा लोग घायल हुए हैं।
यह हादसा कानपुर से करीब 60 किलोमीटर पहले हुआ है।

भारतीय रेल के प्रवक्‍ता अनिल सक्‍सेना ने बताया कि कानपुर के नजदीक ट्रेन के 4 कोच पटरी से उतर गए।
हताहतों की संख्या की पुष्टि की जा रही है. घटनास्‍थल पर राहत और बचाव कार्य जारी है।

रेलवे ने हेल्‍पलाइन नंबर जारी किए हैं।

झांसी-05101072, उरई-051621072, कानपुर-05121072, पुखरायां-05113-270239.

Thursday, November 17, 2016

अब चंद क्लिक से पहुचेगा जियो सिम आपके घर .....

 रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड जल्द ही लोगों के घर घर रिलायंस जियो का सिम पहुंचाएगी।

कंपनी ने लोगों के घर वेलकम ऑफर के साथ जियो का सिम पहुंचाना शुरू कर दिया है।

गौरतलब है कि रिलायंस जियो का मकसद भविष्य में 80 फीसदी भारतीय को हाई स्पीड इंटरनेट और वॉयस सर्विस का मकसद है।

इसके लिए कंपनी के लिए यह जरूरी कि ज्यादा से ज्यादा लोगों के पास रिलायंस जियो का सिम पहुंचे।

फिलहाल जियो का सिम रिलायंस डिजिटल, डिजिटस एक्सप्रेस और मिनी स्टोर्स में मिल रहा है।


हालांकि यहां अभी भी लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं जो अनलिमिटेड फ्री 4G और कॉलिंग के लिए लेना चाहते हैं।

ऐसे घर मंगाएं रिलायंस जियो का सिम

रिलायंस जियो का सिम घर मंगाने के लिए आपको कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रैजिस्टर करना है।

इसके बाद जियो के कर्मचारी आपसे बात करेंगे और डिलिवरी कब करना यह तय करेंगे,  इस प्रक्रिया के बाद आपके घर पर जियो के प्रतिनिधि आपके घर आएंगे और आपको सिम दे जाएंगे।

आप एक बार में 9 सिम के लिए योग्य होंगे, लेकिन इसके लिए आपके पास 9 ऐसे स्मार्टफोन्स होने चाहिए जिनमें 4G LTE हो, क्योंकि एक डिवाइस से सिर्फ एक ही कोड जेनेरेट किया जा सकता है।
आपको यहां KYC के तौर पर आधार कार्ड दिखाना होगा।

इन शहरों में होगी जियो की होम डिलिवरी
शुरुआती चरण में कंपनी अहमदाबाद, बंगलुरू, चंडीगढ़, चेन्नई, दिल्ली, हैदराबाद, जयपुर, कोलकाता, मुंबई, नवी मुंबई, पुणे और विशाखापत्तनम शामिल हैं।

Wednesday, November 16, 2016

रुपये निकालने नहीं सिर्फ़ बदलने पर लगेगी स्याही

RBI ने किया साफ

नोटबंदी के फैसले के 8 दिन बाद भी लोगों को कैश की किल्लत से जूझना पड़ रहा है।
बैंक ब्रांचों और एटीएम के बाहर लाइनें लंबी हैं।
इस बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने साफ किया है कि बैंकों की लाइनों में लगे केवल उन लोगों की उंगली में स्याही लगाई जाएगी जो पुराने नोट को एक्सचेंज करने के लिए आएंगे।
आरबीआई ने साफ किया है कि पैसा निकालने वाले लोगों की उंगलियों पर स्याही लगाने की जरूरत नहीं है।

आरबीआई ने कहा है कि लोगों के लिए हफ्ते में निकासी की लिमिट 24000 रुपये है।
जो कि खाते से ही निकल सकते हैं इसलिए उसमें जांच की जरूरत नहीं है लेकिन नोट बदलने आ रहे लोगों की पहचान की जरूरत है।

गौरतलब है कि मंगलवार को केंद्रीय वित्त सचिव शक्तिकांत दास ने ऐलान किया था कि बैंकों में नोट बदलने के लिए लाइनें लंबी हैं इसलिए कई जरूरतमंद लोगों को पैसे नहीं मिल रहे हैं।
स्थिति के मद्देनजर सरकार ने फैसला किया है कि बार-बार नोट बदलने आ रहे लोगों की पहचान की जाए. इसके लिए उंगली में इंक लगाने का फैसला किया गया है।
ताकि नए लोगों को भी पैसे मिल सकें।

इस बीच, मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने नोटबंदी के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 500 और 1000 रुपये के नोट बंद किए जाने के बाद आम लोगों को हो रही परेशानी पर केंद्र से कहा कि आम आदमी को परेशानी न हो, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए. कोर्ट ने सरकार को हालात सुधारने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा, ‘लोगों को हो रही असुविधा के मद्देनजर आप और कौन से नए कदम उठाने के बारे में सोच रहे हैं?’
कोर्ट ने इस मुद्दे की अगली सुनवाई 25 नवंबर तक के लिए टाल दी है।
उधर, सरकार के इस फैसले को वापस लिए जाने की मांग वाली याचिका दायर करने वाले की तरफ से कोर्ट में कपिल सिब्बल पेश हुए सरकार की तरफ से पेश अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने इस मांग का पुरजोर विरोध किया।
कोर्ट ने सरकार के फैसले में दखल देने से तो इनकार कर दिया, लेकिन लोगों को परेशानी से बचाने के लिए किए जाने वाले उपायों के बारे में सरकार से जानकारी मांगी।

कप्तान विराट कोहली ने बताई रणनीति ...


16 Nov. 2016
राजकोट टेस्ट में टीम इंडिया एक मज़बूत स्थिति में हो सकती थी, लेकिन ख़राब फील्डिंग के कारण टीम इंडिया को आख़िरी पारी में मैच बचाने के लिए बल्लेबाज़ी करनी पड़ी।

टीम इंडिया के मुख्य कोच अनिल कुंबले ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में यह साफ़ कर दिया था, कि भारतीय टीम के युवा सलामी बल्लेबाज़ लोकेश राहुल पूरी तरह से फिट है, और वो विशाखापत्तनम में होने वाले दुसरे टेस्ट मैच के लिए उपलब्ध है।

बुधवार को टीम इंडिया के टेस्ट कप्तान विराट कोहली ने मैच से ठीक एक दिन पहले प्रेस के सवालों का जवाब दिया।
कोहली से जब लोकेश राहुल के चयन के बारे में पूछा गया तो इस पर भारतीय टीम के कप्तान ने कहा, कि

“हमने कुछ भी अलग नहीं किया है, हमने यह पहले ही तय किया था, कि राहुल विजय के साथ सलामी बल्लेबाज़ के रूप में हमारे लिए पहली पसंद होंगे. जैसे ही वो पूरी तरह फिट होते है, हम उन्हें टीम में शामिल करेंगे और उन्ही के साथ पारी की शुरुआत करेंगे.”

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने आगे कहा,

“हम यही सोच रहे थे, कि राहुल जल्द से जल्द फिट हो जाये. जब राहुल चोटिल थे, तो उस समय गौतम गंभीर को मौका मिला और उन्होंने कठिन परिस्थितियों में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन आपको आखिर में टीम के कॉम्बिनेशन को देखकर निर्णय लेना होता है. हमने राहुल को घरेलू मैच के बीच से चुना है, जोकि पूरी तरह नियमों के अंदर है और हमे कुछ अलग सोचना नहीं पड़ा.”
टीम इंडिया को इंग्लैंड के खिलाफ दूसरा टेस्ट मैच विशाखापत्तनम के मैदान पर खेलना है, जोकि गुरुवार से शुरू होगा । भारतीय टीम एक ओर जहा लोकेश राहुल की वापसी से मज़बूत हुई है, तो वही इंग्लैंड की टीम भी जेम्स एंडरसन की वापसी के बाद काफी कड़ी टक्कर दे सकती है।

Monday, November 14, 2016

फिल्म जगत को 56 साल देने के बाद जैकी चैन को मिला ऑस्कर

Nov 15, 2016

फिल्म जगत में 56 साल से अधिक समय के करियर में 200 से अधिक फिल्में करने वाले जैकी चैन को आखिरकार ऑस्कर से सम्मानित किया गया। ‘ई ऑनलाइन’ की रिपोर्ट के अनुसार 62 वर्षीय एक्शन स्टार को शनिवार रात लॉस एंजिलिस के हॉलीवुड एंड हिंगलैंड सेंटर में आयोजित 8वें ‘ऐन्यूअल गवर्नर्स अवार्डस’ के दौरान प्रतिष्ठित ऑस्कर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। टॉम हैंक्स, मिशेल योह और क्रिस टकर ने चैन को यह पुरस्कार दिया। हैंक्स ने यहां जैकी चैन की तुलना जॉन वायने और बस्टर कीटन से की।

लॉस एंजिलिस: फिल्म जगत में 56 साल से अधिक समय के करियर में 200 से अधिक फिल्में करने वाले जैकी चैन को आखिरकार ऑस्कर से सम्मानित किया गया। ‘ई ऑनलाइन’ की रिपोर्ट के अनुसार 62 वर्षीय एक्शन स्टार को शनिवार रात लॉस एंजिलिस के हॉलीवुड एंड हिंगलैंड सेंटर में आयोजित 8वें ‘ऐन्यूअल गवर्नर्स अवार्डस’ के दौरान प्रतिष्ठित ऑस्कर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। टॉम हैंक्स, मिशेल योह और क्रिस टकर ने चैन को यह पुरस्कार दिया। हैंक्स ने यहां जैकी चैन की तुलना जॉन वायने और बस्टर कीटन से की।

चैन ने पुरस्कार को एक ‘सपना’ बताते हुए, इसे स्वीकार किया और बचपन में अपने पिता के साथ ऑस्कर देखने की यादें भी यहां साझा की। उन्होंने कहा, ‘मेरे पिता हमेशा कहते थे, ‘बेटा, तुमने दुनियाभर में कई फिल्म पुरस्कार जीते हैं, पर तुम्हें ये पुरस्कार कब मिलेंगे? तब मैं बस अपने पिता की ओर देखता था, और हंसते हुए कहता था, डैड, मैं बस कॉमेडी एक्शन फिल्में बनाता हूं।’ अभिनेता ने 23 साल पहले सिल्वेस्टर स्टेलोन का ऑस्कर देखने की अपनी यादों को भी यहां दोहराया।

चैन ने मजाक में कहा, ‘मैंने उसे छुआ, उसे चूमा, उसे सूंघा..। मुझे विश्वास है कि अभी भी मेरी उंगलियों के निशान उस पर होंगे..और तब मैंने खुद से कहा, ‘मैं भी वास्तव में यह (ऑस्कर) चाहता हूं।’ आखिरकार मुझे अकादमी के अध्यक्ष चेरिल बून इसहाक का फोन आया और मैंने कहा ‘क्या आप आश्वस्त हैं?’ चैन ने यहां अपने प्रशंसकों का भी शुक्रिया अदा किया और उनसे आगे काम करते रहने और फिल्में बनाते रहने का वादा किया। 

चैन ने कहा, ‘फिल्म जगत को 56 साल देन, 200 फिल्में बनाने, अपनी बहुत सी हड्डियां तुड़वाने के बाद आखिरकार यह मेरा है। मैं आपका शुक्रिया अदा करना चाहता हूं, हांगकांग अद्भुत देश, मेरा गृह-निवास, मेरा घर जिसने मुझे बनाया।’ उन्होंने कहा, ‘चीन जिसने मुझे बनाया, मैं चीन का देशवासी होकर गर्वित हूं..। शुक्रिया हालीवुड, उन सभी सालों के लिए जिसमे मैंने बहुत कुछ सीखा और मुझे थोड़ा बहुत मशहुर बनाने के लिए भी। मैं यहां आकर गर्वित हूं।’ जैकी चैन ने ट्विटर पर भी अपनी भावनाएं अपने प्रशंसकों के साथ साझा की। उन्होंने ट्वीट किया, ‘काफी सम्मानित और खुश हूं..और अपनी भावनाएं व्यक्त करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं है।’

नोटों की किल्लत .....

Akhilesh के इस फैसले से सहमत  PM Modi
 14 Nov. 2016

CM Akhilesh Yadav ने लोगों की मुश्किलों को समझते हुए ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग वैन भेजने की बात कही है। इसके बाद सरकार ने भी यही फैसला लिया है।

सीएम अखिलेश यादव ने बनारस सहित सभी जिलों के डीएम को बैंकों के साथ तालमेल बैठाकर ग्रामीण इलाकों में करेंसी एक्सचेंज कैम्प लगवाने और शहरी इलाकों में करेंसी वैन चलवाने का निर्देश जारी किया था। राजनैतिक पण्डितों का कहना है कि केन्द्र सरकार की देरी से इस नई व्यवस्था का पूरा क्रेडिट सीएम अखिलेश यादव ले गए, पर कुल मिलाकर राज्य व केन्द्र सरकार की इस व्यवस्था से भला ग्रामीणों का ही होने वाला है।

पीएम नरेन्द्र मोदी ने जब मंगलवार की रात 1000 व 500 रुपये के नोट पर बैन लगाया था, तो इसके कुछ ही देर बाद सीएम अखिलेश ने उन्हें एक सलाह दी थी। सलाह यह थी कि जनता की परेशानी को देखते हुए जिला स्तर पर करेंसी एक्सचेंज के कैम्प लगाए जाएं। पर पीएम मोदी और केन्द्र सरकार ने सीएम अखिलेश की सलाह को नजरअंदाज कर दिया। इस पर जब दो दिनों तक जनता को जबरदस्त दिक्कतों का सामना करना पड़ा और बैंकों में लम्बी लाइनें लगने लगीं तो सीएम अखिलेश ने केन्द्र सरकार के कदम का इन्तेजार न करते हुए वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए सभी जिलाधिकारियों को बैंकों से तालमेल करते हुए नगरीय इलाकों में करेंसी वैन और ग्रामीण इलाकों में करेंसी एक्सचेंज कैम्प लगाने का निर्देश दे दिया था।

अब वित्त मन्त्रालय ने भी लोगों को सहूलियत देते हुए बैंकों को ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग वैन भेजने का आदेश दिया है। इन दो व्यवस्थाओं से ग्रामीण इलाकों में लोगों को काफी सहूलियत मिल सकती है। इसके अलावा वित्त मंत्रालय ने एटीएम से निकाली जाने वाली राशि की सीमा 2000 से बढ़ाकर 2500 रुपये और करेंसी एक्सचेंज की सीमा 4000 से बढ़ाकर 4500 रुपये कर दिये हैं। इसके अलावा खात से निकाली जाने वाली धनराशि की सीमा 10 हजार रुपये को समाप्त कर दिया है।

सीएम अखिलेश यादव की ओर से वाराणसी समेत सभी जिलों के डीएम व मण्डलायुक्त को आदेश जारी किये जा चुके हैं। आदेश में कहा गया है कि कैश वैन चलाने और कैम्प के लिये अपने जिलों के बैंकों से बात कर उनेक साथ सामंजस्य बनाते हुए इसे सुनिश्चित कराएं। आदेश के तहत डीएम ग्रामीण इलाकों में करेंसी नोटों की उपलब्धता के लिये बैंक अधिकारियों से तालमेल कर जरूरी सहूमलियतें सुनिश्चित कराएंगे। इसके अलावा नोट बदलने के लिए बैंकों की ओर से मोबाइल कैश वैन के संचालन की व्यवस्था और मोबाइल एटीएम की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये हैं। यही नहीं ग्रामीण इलाक जो जहां बैंक नहीं हैं ऐसे क्षेत्रों में पहले से तय स्थानों पर बैंकों की ओर से विशेष शिविर की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के आदेश दिये थे।

पीएम और सीएम के इस आदेश के बाद ग्रामीणों को कुछ संशय और खतरों के साथ इन व्यवस्थाओं से परेशानी दूर होने की उम्मीद है। कैथी निवासी वल्लभाचार्य पाण्डेय ने मानते हैं कि जो व्यवस्था की गई है वह परेशानी को कुछ हद तक दूर तो कर सकती है, पर इसके साथ सिक्योरिटी की प्रॉब्लम आएगी।
उन्होंने बताया कि इलाके के 20 से 25 गांव के क्लस्टर में केवल कैथी और धौरहरा में ही बैंक की शाखाएं हैं। कैथी में रविवार की सुबह सात बजे 200 से भी ज्याद लोगों की लम्बी लाइन थी और शाम होते-होते वहां मारपीट हो गई। पुलिस पहुंची तो बैंक ही बंद करा दिया।
करेंसी की किल्लत से किसान आलू, और गेहूं की बुआई को लेकर चिंतित हैं।

पीएम नरेन्द्र मोदी के आदर्श गांव नागेपुर के ग्रामीण नन्दलाल मास्टर जी ने बताया कि इस नई व्यवस्था में यदि केवल एटीएम वैन भेजी जाएगी तो महज वो लोग ही लाभान्वित होंगे, जो एटीएम यूज करते हैं। ग्रामीण इलाकों में इनकी संख्या काफी कम होती है। लोग परम्परागत बैंकिंग के आदि हैं।
उनके लिये गांवों में कैम्प लगाकर मैन्युअल बैंकिंग की व्यवस्था और एक्सचेंज को आसान बनाने से गांव के लोगों को सहूलियत होगी। अभी तो हाल यह है कि इलाके के 20 से 50 गांवों के लोग राजातालाब में स्थित चार से पांच बैंक शाखाओं पर निर्भर हैं। वह तीन से चार किलोमीटर चलकर वहां रुपये बदलने व निकालने पहुंच रहे हैं।

वहां लोगों ने बताया कि इलाके में मिर्जामुराद में तीन बैंक शाखाएं हैं, जिनसे 25 से 30 गांव के लोगों की बैंकिंग जरूरतें पूरी होती हैं।
दक्षिणी छोर पर गंगा के कछार वाले मिर्जापुर के सब्जी उत्पादक इलाकों के किसान छह से सात किलोमीटर चलकर मिर्जामुराद में बैंकिंग करने पहुंचते हैं।
यहां परेशानी ज्यादा है। हालांकि उन्होंने एक अलग किस्म की ही परेशानी बताई। कैम्पों पर इलाके में विश्वास कम करते हैं। उन्हें कैम्पों से ठगी का डर होता है।
बिजली बिल जमा करने का कैम्प लगाया गया तो लोग वहां ठगी के डर से नहीं गए और दूर चलकर उपकेंद्र पर जाकर बिल जमा किया।

श्रीलंका की आसान जीत .....

श्रीलंका की जिम्बाब्वे पर 8 विकेट से आसान जीत

14 November, 2016

हरारे एक दिवसीय में श्रीलंका ने टास जीत कर मेजबानों को बल्लेबाजी करने का न्यौता दिया और उन्हें 41.3 ओवरों में महज 154 रनों पर ही ढेर कर दिया। मामूली से लक्ष्य को श्रीलंका ने 24.3 ओवरों में दो विकेट खोकर हासिल कर लिया।

छोटे से लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका के लिए धनंजय डी सिल्वा ने सर्वाधिक नाबाद 78 रनों का योगदान दिया।
डी सिल्वा ने कुशल परेरा (21) के साथ पारी का आगाज किया और पहले विकेट के लिए 56 रन जोड़े। परेरा को चामु चिबाबा ने सिकंदर रजा के हाथों कैच कराया।

75 गेंदों में 12 चौकों की मदद से अर्धशतकीय पारी खेलने वाले डी सिल्वा ने निरोशन डिगवेला (41) के साथ दूसरे विकेट के लिए 84 रनों की साझेदारी की। मेहमानों को जब जीत के लिए 15 रनों की दरकार थी तभी डिगवेला, तिनाशे पानयंगारा का शिकार हुए।

कुशल मेंडिस (नाबाद 12) ने डी सिल्वा के साथ मिलकर टीम को जीत दिलाई।

इससे पहले, खेलने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत बेहद खराब रही।
उसने 50 रनों पर ही अपने छह विकेट गंवा दिए थे। ऐसा लग रहा था कि मेजबान टीम सौ के आंकड़े को भी पार नहीं कर पाएगी।

लेकिन, पीटर मूर (47) और कप्तान ग्रेम क्रेमर (नाबाद 31) ने सातवें विकेट के लिए 55 रनों की साझेदारी कर टीम का स्कोर सौ के पार पहुंचाया।
105 के कुल योग पर मूर पवेलियन लौट गए। कप्तान ने इसके बाद डोनाल्ड त्रिरिपानो (19) के साथ आठवें विकेट के लिए 31 रन जोड़े टीम को राहत की सांस दी।

श्रीलंका की तरफ से अपना पहला मैच खेल रहे असेला गुणारत्ने ने सर्वाधिक तीन विकेट लिए।
उनके अलावा नुवान कुलासेकरा, सुरंगा लकमल और नुवान प्रदीप ने दो-दो विकेट लिए।
सचिथा पथिराना को एक विकेट मिला।